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गणेश कवच ganesh kawach path

भगवान श्रीगणेश सभी जगहों पर अग्रपूजा के अधिकारी हैं. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत श्रीगणेश की पूजा के साथ ही करने का विधान है. श्री गणेश की पूजा से धन धान्य और समस्त सुखों की प्राप्ति होती है. इसी प्रकार शास्त्रों में श्रीगणेश कवच का उल्लेख आता है. गणेश कवच को सिद्ध कर लेने मात्र से मनुष्‍य मृत्यु पर भी विजय प्राप्त कर सकता है. शनैश्‍चरदेप के विनयपूर्ण आग्रह के बा भगवान श्रीविष्‍णु ने उन्हें गणेश कवच की दीक्षा दी. भगवान श्रीविष्‍णु ने कहा - दस लाख जप करने के बाद गणेश कवच सिद्ध हो जाता है. कवच सिद्ध कर लेने पर मनुष्‍य मृत्यु पर भी विजय प्राप्त करने में समर्थ हो जाता है. यह सिद्ध कवच धारण करने पर मनुष्‍य वाग्मी, चिरजीवी, सर्वत्र विजयी और पूज्य हो जाता है. इस मालामंत्र और कवच के प्रभाव से मनुष्‍य के सारे पातकोप पातक ध्‍वस्त हो जाते हैं. इस कवच के शब्द श्रवण मात्र से ही भूत-प्रेत, पिशाच, कूष्‍माण्‍ड, ब्रह्मराक्षस, डाकिनी, योगिनी, वेताल आदि बालग्रह, ग्रह तथा क्षेत्रपाल आदि दूर भाग जाते हैं. कवचधारी पुरुष को आधि (मानसिक रोग), व्याधि ( शारीरिक रोग), और भयप्रद शोक स्पर्श नहीं कर पाते. इस प्रकार...
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कुँजापुरी माता मंदिर सम्पूर्ण परिचय Kunjaapuri mata mandir

      कुँजापुरी माता मंदिर  Kunjapuri Devi Temple कुंजापुरी देवी मंदिर उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 1676 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और ऋषिकेश से लगभग 25–30 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर माँ दुर्गा के स्वरूप माँ कुंजापुरी को समर्पित है। यहाँ से हिमालय की बर्फीली चोटियाँ, सूर्योदय और गंगा घाटी का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है।  धार्मिक महत्व कुंजापुरी देवी मंदिर को 51/52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह किया, तब भगवान शिव उनके शरीर को लेकर तांडव करने लगे। भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंग अलग किए। माना जाता है कि यहाँ माता सती का ऊपरी भाग (कुंज/वक्षस्थल) गिरा था, इसलिए इस स्थान का नाम “कुंजापुरी” पड़ा।  इतिहास मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। बाद में मंदिर का पुनर्निर्माण और विकास हुआ। यह मंदिर उत्तराखंड के तीन प्रमुख सिद्धपीठों — कुंजापुरी, सुरकंडा देवी और चंद्रबदनी — के त्रिको...

नरेंद्र नगर (Narendra Nagar) – सम्पूर्ण परिचय

  नरेंद्र नगर (नरेंद्र नगर) - संपूर्ण परिचय  परिचय नरेंद्र नगर उत्तराखंड के अनमोल गढ़वाल जिले में स्थित एक सुंदर पहाड़ी नगर है। यह समुद्री तल से लगभग 1300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यहां से गंगा घाटी, ऋषिकेश और हरिद्वार के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं। नरेंद्र नगर उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में एक शांत और सुंदर पहाड़ी नगर स्थित है। यह तीर्थस्थल वहां पर स्थित है, जहां से गंगा नदी, दून घाटी और हिमालय के मनमोहक दृश्य दिखाई देते हैं। इस नगर/शहर की स्थापना टिहरी के  महाराजा नरेंद्र शाह ने की थी,इसलिए इसका नाम उनके नाम पर नरेंद्र नगर रखा गया। यहां का प्रमुख आकर्षण शांति, प्राकृतिक प्रकृति और ऐतिहासिक महल (जैसे आनंदा इन द हिमालयाज) है। संक्षेप में, नरेंद्र नगर एक ऐसा स्थान है जो प्राकृतिक सौंदर्य  और सार्वभौम वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इतिहास  नरेंद्र नगर की स्थापना 1919 में महाराजा नरेंद्र शाह ने की थी। इसका पुराना नाम  " (Odathali) ओडथली ''था.. उस समय इसको नरेंद्र शाह जी ने अपनी आर्थिक राजधानी  बनाई थी।   भौगोलिक स्थिति टिहरी मुख्यालय से दूर...

Apuni Sarkar Portel uttarakhand ( edistrict uttarakhand)

अपूनि सरकार e district uttarakhand) की ऑफिसियल वेबसाइट में sign up कैसे करें.. Apuni Sarkar Official website खोलें https://eservices.uk.gov.in/(edistrict) .. Apuni Sarkar Portal की वेबसाइट पर जाएँ.. अपर right side में menu bar में क्लिक कर home में जाए, उसके बाद citizen और csc log in का ऑप्शन दिखेगा, अगर आपके पास csc ID हैं तो आप csc से log in कर सकते हैं, नहीं तो citizen log in भी कर सकते हैं, इसके लिए आपको एक log in id बनानी होगी, आइए जानते हैं कैसे... सबसे नीचे आपको दिखेगा     Don't have a user account?    “Register” या “Sign Up here” पर क्लिक करें Homepage पर आपको नया अकाउंट बनाने का विकल्प मिलेगा अपनी बेसिक जानकारी भरें पूरा नाम मोबाइल नंबर Email ID (अगर है) Address / State / District Aadhaar Number (कुछ services के लिए जरूरी हो सकता है) Username और Password बनाएं एक यूनिक User ID (Login ID) चुनें Strong password सेट करें OTP Verification करें आपके मोबाइल नंबर पर OTP आएगा OTP डालकर verify करें Submit करें सारी जानकारी सही भरने के बाद submit कर दें आपका acc...

कर्ज मुक्ति के लिए उपाय // karj kaise utare//

 कर्ज मुक्ति के लिए उपाय.     मंगलवार के दिन सुबह शुद्ध होकर यह प्रयोग करे. तांबे की थाली या प्लेट लीजिए. थोड़ा केसर लीजिए. उसे कुछ बंद पानी में मिलाकर उस केसर के पानी से तांबे की प्लेट में एक पूर्ण त्रिकोण बनाए. उसके बाद एक ghee का दीपक उस त्रिकोण में रखकर उसे प्रज्ज्वलित कीजिए. फिर दोनों हाथ जोड़कर तांबे की प्लेट, उसमे बना हुआ त्रिकोण और दीपक को देखते हुए निम्नलिखित 3 मंत्र का जाप kijiye 5 मिनट तक.  1. ओम मंगलाय नम: 2. ओम रिणहरते नम: 3. ओम भूमिसूताय नम: इन तीन मंत्रों का जाप पांच मिनट कीजिए.  मंगलवार के दिन बिल्कुल नमक और मिर्च बिना का भोजन करें.  हर रोज़ गजेंद्र मोक्ष का पाठ कीजिए 1 बार.  यह तीन प्रयोग continue करने से कर्ज धीरे-धीरे उतरने लगता हे. यह प्रयोग मेरा खुद का कई बार आजमाया हुआ हे. 30 दिन के भीतर भीतर इसका प्रभाव देखने को मिलता हे. जिनके ऊपर नित्य कर्ज रहता हो, उन्हें इस उपाय को continue 7 साल तक करने मात्र से सभी जन्मों के कर्ज से मुक्ति मिल जाती हे.

शेयर बाजार से पैसे कमाने के तरीके

शेयर बाजार से पैसे कमाने के कई तरीके हैं, लेकिन इसमें जोखिम भी होता है। यहां कुछ मुख्य तरीके दिये गये हैं: स्टॉक ट्रेडिंग (अल्पकालिक निवेश): क्या है:   इसमें आपके स्टॉक को कम समय के लिए बेंचमार्क और स्टॉक (कुछ चौथाई से लेकर कुछ सामान्य तक) हैं। उद्देश्य स्टॉक की मार्केट में छोटी-छोटी पोस्ट- ऑफर से लाभ कमाना होता है। कैसे काम करें:   सही समय पर बेचने और बेचने में। जोखिम:   यह बहुत जोखिम भरा हो सकता है और इसके लिए बाजार की गहरी समझ और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता होती है। स्टॉक निवेश (दीर्घकालिक निवेश): क्या है:   इसमें आपके पास अच्छे सरकारी शेयर हैं और उन्हें लंबे समय तक (कई महीनों से लेकर पुराने तक) तक अपने पास रखते हैं। कैसे कमाएं: पूंजीगत लाभ (पूंजी प्रशंसा):   जब आप शेयर मूल्‍य रखते हैं और समय के साथ उनकी कीमत प्रबल होती है, तो आप उन्हें बेचकर लाभ कमाते हैं। लाभांश (डिविडेंड):   कुछ कंपनियां अपने मुनाफ़े का एक हिस्सा लाभांश के रूप में कंपनियों में शामिल हैं। जोखिम:   आमतौर पर ट्रेडिंग पर जोखिम कम होता है, लेकिन बाजार में गिरावट पर आपके न...